बिहार में छोटे सोलर रूफटॉप के लिए दस्तावेज़ीकरण को सरल बनाया गया
बिहार सरकार ने छोटे सोलर रूफटॉप सिस्टम के लिए दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 3 किलोवाट से कम क्षमता वाले सोलर पैनल लगाने के लिए पैन कार्ड और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह निर्णय मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की समीक्षा और निर्देश के बाद लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों द्वारा गैर-जरूरी दस्तावेज मांगने की प्रथा पर रोक लगाई जाए ताकि आम जनता को सुविधा मिल सके।
बैंकों के लिए निर्देश और नोडल अधिकारी
मुख्य सचिव ने कहा कि छोटे सोलर रूफटॉप के लिए बैंक केवल इंडियन बैंक एसोसिएशन द्वारा तय मानक दिशा-निर्देशों का पालन करें। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक बैंक में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। यह कदम ग्रामीण और मध्यम परिवारों के लिए प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाएगा। बिहार में अधिकतर सोलर रूफटॉप आवेदन 3 किलोवाट से कम क्षमता वाले हैं, इसलिए इन उपभोक्ताओं से अनावश्यक दस्तावेज मांगे जाना उचित नहीं था।
सोलर पैनल की क्षमता और उपयोग
घरेलू उपयोग के लिए सोलर पैनल की क्षमता सामान्यतः 1 से 5 किलोवाट तक होती है। छोटे परिवारों में एक से दो किलोवाट के पैनल लगाए जाते हैं, जो घर में पंखे, लाइट्स, टीवी और फ्रिज जैसे उपकरणों को चलाने के लिए पर्याप्त बिजली प्रदान करते हैं। वहीं, जिन घरों में एसी, ट्यूबवेल मोटर या कूलर जैसे बड़े उपकरण होते हैं, वहां 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले पैनल लगाए जाते हैं। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में 3 किलोवाट से कम क्षमता वाले सोलर सिस्टम अधिक लोकप्रिय हैं।
पीएम सूर्य घर योजना और सब्सिडी
बिहार सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के घरों पर मुफ्त सोलर पैनल भी लगवा रही है। इसके साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। अधिकतम 78,000 रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसके अलावा, बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे परिवार आसानी से सोलर सिस्टम इंस्टॉल कर सकें।
निष्कर्ष
बिहार में छोटे सोलर रूफटॉप के लिए दस्तावेज़ीकरण में सरलता लाने का यह कदम ग्रामीण और मध्यम वर्ग के परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। पैन कार्ड और आय प्रमाण पत्र की अनावश्यक मांग हटाने से योजना अधिक पारदर्शी और आसानी से लागू होगी। इससे न केवल सोलर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण परिवारों की बिजली लागत भी कम होगी।
डिस्क्लेमर:
यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। सटीक जानकारी और लाभ के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना आवश्यक है।








