युद्ध के बीच एलपीजी आपूर्ति को सामान्य बनाने की कोशिश
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद भारत सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। हालांकि एलपीजी सिलिंडर की मांग अचानक बढ़ने से आपूर्ति पर दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन सरकार का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर गैस सिलिंडर की पैनिक बुकिंग या भंडारण न करें।
कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई शुरू
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू गैस की उपलब्धता बेहतर होगी। कमर्शियल सिलिंडर के वितरण की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को दी गई है ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर निगरानी हो सके।
पीएनजी वाले उपभोक्ताओं पर नया नियम
सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए एक अहम फैसला लिया है। जिन उपभोक्ताओं के घर में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन मौजूद है, उन्हें एलपीजी सिलिंडर रखने, लेने या रिफिल कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। तेल कंपनियों को ऐसे उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन या रिफिल देने से रोक दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे जरूरतमंद लोगों तक एलपीजी की सप्लाई बेहतर तरीके से पहुंच सकेगी।
एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी
सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन को लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। देश में इस समय लगभग 33 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 60 लाख उपभोक्ता तुरंत पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए संबंधित कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को जागरूक करें और आवश्यक सहायता प्रदान करें।
पैनिक बुकिंग से बढ़ा दबाव
सामान्य दिनों में देश में प्रतिदिन लगभग 50 से 55 लाख गैस सिलिंडर की बुकिंग होती है। लेकिन हाल के दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ गई। शुक्रवार को लगभग 75 लाख सिलिंडर बुक किए गए, जबकि शनिवार को यह संख्या 88 लाख तक पहुंच गई। सरकार ने सिलिंडर की आपूर्ति भी बढ़ाकर लगभग 62 लाख प्रतिदिन कर दी है।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
सिलिंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों में बड़े स्तर पर छापेमारी की गई है। महाराष्ट्र, गोवा, बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में 1400 से अधिक स्थानों पर कार्रवाई की गई और कई मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए। जिला स्तर पर गैस सप्लाई की निगरानी के लिए विशेष समितियां बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खाड़ी से आने वाले जहाजों से मिलेगी राहत
भारत के दो जहाज, जो खाड़ी देशों से एलपीजी लेकर आ रहे हैं, सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और जल्द ही गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं। इन जहाजों के आने से गैस आपूर्ति में और सुधार होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि अगले सात से दस दिनों में एलपीजी की स्थिति काफी हद तक सामान्य हो सकती है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख उपलब्ध समाचार जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य सूचना प्रदान करना है। वास्तविक नीतियों और सरकारी निर्णयों में समय के साथ बदलाव संभव है।








