कॉमर्शियल गैस की किल्लत ने कारोबारियों को किया परेशान
मुजफ्फरपुर में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने फैक्ट्री से लेकर आम उपभोक्ताओं तक को संकट में डाल दिया है। पिछले पखवाड़े से बड़े पैमाने पर उद्यमियों, होटल और ढाबा संचालकों को सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो रही है। इसका असर व्यवसाय और रोजमर्रा के कामकाज पर साफ देखा जा सकता है। 2150 रुपए में मिलने वाले कॉमर्शियल सिलेंडर अब ढाबों और होटलों में 4400 रुपए में बिक रहे हैं। इसका मतलब है कि हर सिलेंडर पर करीब 2250 रुपए दलालों की जेब में जा रहे हैं।
उत्पादन और व्यवसाय पर संकट
इस संकट के कारण कारोबारियों को उत्पादन रोकने और मजदूरों के वेतन, किराया और ईएमआई जैसी वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेला स्थित श्याम इंडस्ट्रीज के निदेशक भरत अग्रवाल ने बताया कि 17 दिनों से उत्पादन ठप है, जबकि गर्मी बढ़ने से टंकी की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं, बेला के उद्यमी अवनीश किशोर ने बताया कि रॉ मटीरियल की कीमतें भी दोगुनी हो गई हैं, जिससे व्यवसायियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। सरैयागंज के ढाबा संचालक और मीनापुर के विकास कुमार ने भी बताया कि सिलेंडर की कमी से व्यवसाय और पोषण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं।
अवैध गैस कारोबार पर प्रशासन की कार्रवाई
साथ ही मोतीपुर थाना क्षेत्र में अवैध गैस सिलेंडर कारोबार का पर्दाफाश भी हुआ है। पुलिस ने भिखारी राय के घर से 28 रसोई गैस सिलेंडर बरामद किए। कुछ सिलेंडरों में गैस भरी हुई थी, जिसे काले बाजार में बेचा जाना था। बरामद सिलेंडरों को ईडेन गैस एजेंसी के एजीएम नीलम राय को सौंपा गया है। पुलिस अब भिखारी राय और उसके सहयोगियों की तलाश कर रही है। प्रशासन का यह कदम सब्सिडी वाले सिलेंडरों की चोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए अहम माना जा रहा है।
नागरिकों के लिए राहत और ऑनलाइन केवाईसी सुविधा
हालांकि आम नागरिकों के लिए राहत की खबर भी आई है। राज्य सरकार ने लंबे समय बाद केरोसिन का आवंटन सभी जिलों को किया है, जिसमें मुजफ्फरपुर को 45 टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। इसे राशन कार्डधारियों में वितरण किया जाएगा। जिला आपूर्ति पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस बार कोई भी राशन कार्डधारी केरोसिन से वंचित नहीं रहेगा। प्रत्येक कार्डधारी को 2 लीटर केरोसिन उचित मूल्य की दुकानों से मिलेगा।
इसके साथ ही उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन केवाईसी की सुविधा भी शुरू की गई है। आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीएल के एप के जरिए उपभोक्ता घर बैठे अपने दस्तावेज अपलोड कर केवाईसी पूरी कर सकते हैं। इससे गैस सिलेंडर बुकिंग और वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होगी।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचारों और स्थानीय अधिकारियों की जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।








