जालंधर में लोक मिलनी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान की बड़ी घोषणाएं
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने जालंधर में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान राज्य की जनता के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में उन्होंने खास तौर पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए शुरू की जा रही नई योजनाओं पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के हर वर्ग को राहत देना और उनकी जिंदगी को बेहतर बनाना है।
‘मेरी रसोई’ योजना से लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि जल्द ही ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत पंजाब के लगभग 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह राशन किट पहले से लागू National Food Security Act के तहत मिलने वाले गेहूं के अलावा अलग से दी जाएगी। प्रत्येक राशन किट में रोजमर्रा की जरूरत की कई जरूरी चीजें शामिल होंगी, जैसे 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और 1 लीटर सरसों का तेल। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों ने हमेशा पूरे देश का पेट भरा है, लेकिन राज्य में अभी भी कुछ परिवार ऐसे हैं जिन्हें दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यह योजना ऐसे परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद करेगी।
बिजली और सिंचाई व्यवस्था में सुधार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के बुनियादी ढांचे में किए गए सुधारों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने बिजली के टैरिफ में कटौती करके आम लोगों को बड़ी राहत दी है। इसके साथ ही किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी तब केवल 21 प्रतिशत खेती की सिंचाई नहरों के पानी से होती थी, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 68 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे किसानों की लागत में कमी आई है और खेती करना पहले से अधिक आसान हुआ है।
महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री मां-बेटी सम्मान योजना, जिसे मावां-धियां सत्कार योजना भी कहा जाता है, का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 1000 से 1500 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि राज्य की माताओं और बेटियों के सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख उपलब्ध समाचार जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक है। इसमें दी गई योजनाओं और आंकड़ों में समय के साथ बदलाव संभव है, इसलिए आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी स्रोतों की पुष्टि करना उचित होगा।








