मेरठ में गैस सिलिंडर को लेकर बढ़ी परेशानी, लंबी कतारों से लोग परेशान
उत्तर प्रदेश के Meerut में इन दिनों गैस सिलिंडर को लेकर लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालांकि तकनीकी दिक्कतों के चलते बंद पड़ा सर्वर अब धीरे-धीरे ठीक हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें अभी भी बनी हुई हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को सुबह से लेकर देर रात तक इंतजार करना पड़ रहा है।
सुबह से लग रही कतार, देर रात तक खुल रही एजेंसियां
शहर में गैस लेने के लिए लोग सुबह सात बजे से ही एजेंसियों के बाहर लाइन में लगना शुरू कर देते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई एजेंसियां रात 11 बजे तक खुली रखी जा रही हैं। इसके बावजूद सभी लोगों को समय पर सिलिंडर मिल पाना मुश्किल हो रहा है। इस स्थिति ने आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में ज्यादा भीड़
शहर के कुछ खास इलाकों में गैस सिलिंडर की मांग ज्यादा देखने को मिल रही है। खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में लोग सुबह पांच बजे से ही एजेंसियों के बाहर पहुंच रहे हैं। Nauchandi Maidan, Ghantaghar Meerut और Prahlad Nagar जैसे इलाकों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां लंबी-लंबी लाइनें आम बात हो गई हैं।
कमर्शियल सिलिंडर की भी किल्लत
सिर्फ घरेलू ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर की भी भारी कमी देखी जा रही है। इससे होटल, ढाबे और छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई कारोबार प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि समय पर गैस नहीं मिल पा रही है।
नियमों का पालन नहीं कर रहे ग्राहक
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, कई ग्राहक तय नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। आमतौर पर 25 दिन के बाद ही नया सिलिंडर दिया जाता है, लेकिन लोग अपनी जरूरत के अनुसार जल्दी सिलिंडर लेने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कई लोग डिलीवरी का इंतजार करने के बजाय खुद ही एजेंसी से सिलिंडर ले जाना चाहते हैं, जिससे भीड़ और बढ़ रही है।
ओटीपी व्यवस्था से बढ़ी सख्ती
प्रशासन ने अब गैस वितरण प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए ओटीपी प्रणाली लागू की है। इसके तहत ग्राहकों को सिलिंडर लेने के लिए ओटीपी देना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी एजेंसियों को इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। किसी भी प्रकार की पुष्टि के लिए संबंधित गैस एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।








